(N/A) $\Rightarrow$ जब भी किसी अनिवार्य तत्व की आपूर्ति सीमित हो जाती है,तो पादप की वृद्धि रुक जाती है।
$\Rightarrow$ अनिवार्य तत्व की वह सांद्रता जिससे कम होने पर पादप की वृद्धि रुक जाती है,उसे क्रांतिक सांद्रता (critical concentration) कहा जाता है।
$\Rightarrow$ जब तत्व क्रांतिक सांद्रता से कम होता है,तो उसे न्यूनता (deficiency) कहा जाता है।
$\Rightarrow$ न्यूनता के लक्षण: प्रत्येक तत्व पादपों में एक या अधिक विशिष्ट संरचनात्मक या कार्यात्मक भूमिका निभाता है। किसी विशेष तत्व की अनुपस्थिति में,पादप कुछ आकारिकीय (morphological) परिवर्तन प्रदर्शित करते हैं।
$\Rightarrow$ ये आकारिकीय परिवर्तन कुछ तत्वों की कमी के सूचक होते हैं और इन्हें न्यूनता के लक्षण कहा जाता है। न्यूनता के लक्षण प्रत्येक तत्व के लिए अलग-अलग होते हैं और जब पादप को वह पोषक तत्व प्रदान किया जाता है,तो ये लक्षण गायब हो जाते हैं।
$\Rightarrow$ हालाँकि,यदि कमी बनी रहती है,तो यह अंततः पादप की मृत्यु का कारण बन सकती है।
$\Rightarrow$ पादप के कौन से भाग न्यूनता के लक्षण प्रदर्शित करेंगे,यह पादप में तत्व की गतिशीलता पर निर्भर करता है।
$\Rightarrow$ गतिशील तत्व: जो तत्व पादपों के भीतर सक्रिय रूप से गतिशील होते हैं और युवा विकासशील ऊतकों में स्थानांतरित होते हैं,उनके न्यूनता के लक्षण सबसे पहले पुराने ऊतकों में दिखाई देते हैं। पुरानी पत्तियों में,इन तत्वों वाले जैव-अणुओं का विघटन होता है,जिससे ये तत्व युवा पत्तियों में जाने के लिए उपलब्ध हो जाते हैं।
$\Rightarrow$ अगतिशील तत्व: जब तत्व अपेक्षाकृत अगतिशील होते हैं और परिपक्व अंगों से बाहर स्थानांतरित नहीं होते हैं,तो न्यूनता के लक्षण सबसे पहले युवा ऊतकों में दिखाई देते हैं। उदाहरण के लिए,सल्फर और कैल्शियम जैसे तत्व कोशिका के संरचनात्मक घटक का हिस्सा होते हैं और इसलिए आसानी से मुक्त नहीं होते हैं।
$\Rightarrow$ पादपों के खनिज पोषण का यह पहलू कृषि और बागवानी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।